



ऋषिकेश,उत्तराखंड:
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजने के बावजूद आज रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से आहूत उत्तराखंड बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए। मांग है कि सीबीआई की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। आंदोलन करने वालों का कहना है कि सीधे सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है। साथ ही प्रकरण में वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग भी की जा रही है। राजधानी सहित गढ़वाल मंडल के कई हिस्सों में व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह से ही बंद रहे। गढ़वाल मंडल के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। दोपहर तक झंडा चौक, घाट रोड, लाजपत राय मार्ग, क्षेत्र बाजार सहित सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। किसी भी संगठन की ओर से बाजार बंद करने का प्रयास नहीं किया गया। दोपहर बाद धीरे-धीरे कुछ इलाके के बाजार खुलने लगे।
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने हेतु सभी विपक्षी दलों द्वारा बंद के आह्वान को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपना समर्थन दिया है साथ ही उन्होंने यह मांग भी रखी है की सीबीआई की जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश की निगरानी में की जाए जिससे निष्पक्षता बनी रहे, इस संबंध में महानगर ऋषिकेश कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट राकेश सिंह ने व्यापार संघ अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र को पत्र सौंप कर बंद हेतु समर्थन मांगा तथा स्वयं भी नगर के सभी व्यापारी बंधुओ से कल अपने प्रतिष्ठान एवं कार्यालय बंद रखने की अपील की। जिससे उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई में अधिक से अधिक योगदान दिया जा सके, इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष ललित मिश्रा ने बाजार बंद हेतु सहयोग का पूर्ण भरोसा दिया था।
उधर व्यापार मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया ने यहां जारी अपील में कहा की अंकिता भंडारी मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता की माता-पिता और यहां की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जब पूरे मामले की सीबीआई जांच करने की सरस्वती प्रदान कर दी तो उसके बाद बंद का कोई औचित्य नहीं होता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस बंद का प्रतिकूल प्रभाव यहां के व्यापार और व्यापारियों पर पड़ेगा। वैसे भी वर्तमान में बाजार की स्थिति अच्छी नहीं है।
