




ऋषिकेश: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत रायवाला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की गई एक टबेरा कार को महज 12 घंटे के भीतर बरामद कर तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में 15 मुकदमे दर्ज हैं।
घर के बाहर से चोरी हुई थी टैक्सी कार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वादी नुरुल हक (निवासी लाइनपार मोतीचूर, हरिपुरकला, रायवाला) ने कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 29 जून की रात को उन्होंने अपनी टबेरा टैक्सी कार घर के पास खड़ी की थी, जो अगली सुबह वहां नहीं मिली। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से 12 घंटे में दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रायवाला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी सुराग रस्सी के आधार पर पुलिस ने 30 जून की रात करीब 11:25 बजे तीन अभियुक्तों को चोरी की टबेरा कार के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
सागर थापा पुत्र राजू थापा, निवासी: नवोदय नगर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
अमन थापा पुत्र राजू थापा, निवासी: नवोदय नगर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
गंगा चौधरी पुत्र गोपी चौधरी, निवासी: शिवालिक गंगा बिहार, नवोदय नगर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
स्मैक के नशे के लिए करते थे चोरी, दोबारा वारदात करने आए थे
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे स्मैक के नशे के आदी हैं और अपनी लत को पूरा करने के लिए वाहन चोरी करते हैं। उन्होंने बताया कि 29 जून की रात उन्होंने फ्लाईओवर के नीचे खड़ी कई गाड़ियों के लॉक खोलने की कोशिश की थी। टबेरा कार का लॉक खुल जाने पर वे उसे स्टार्ट कर सिडकुल क्षेत्र ले गए। वहां कार बेचने का प्रयास असफल होने पर, वे 30 जून की रात को दोबारा हरिपुरकलां क्षेत्र में अन्य गाड़ियां चोरी करने की फिराक में आए थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों में से सागर थापा एक बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ देहरादून, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल के अलग-अलग थानों (रायपुर, डालनवाला, राजपुर, ऋषिकेश, सिडकुल, रानीपुर, मुनिकीरेती आदि) में चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (ड्रग्स) एक्ट के तहत 15 मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे आरोपी अमन थापा पर भी सिडकुल थाने में एक मुकदमा दर्ज है, जबकि तीसरे आरोपी गंगा चौधरी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम:
इस त्वरित और सफल अनावरण में उपनिरीक्षक कविन्द्र राणा, कांस्टेबल अनित, कांस्टेबल विकास, कांस्टेबल अनुज राठी और कांस्टेबल अरविन्द कुमार की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
