




✍️जल पुलिस और एसडीआरएफ में रेस्क्यू कर गंगा से बाहर निकाला
ऋषिकेश, उत्तराखंड। “जाको राखे साइयां मार सके ना कोय” यह कहावत ऋषिकेश में उस वक्त चरितार्थ हुई जब राम झूला में भेलपुरी बेचने वाला एक अधेड़ उफनती गंगा में पैर फिसलने के कारण बह गया। करीब 5 किलोमीटर तक वह गंगा में बहते हुए जिंदगी के लिए लड़ता रहा। बैराज के समीप 50 वर्षीय विनोद सिंह टापू की रेत में फंस गया। जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने उसे गंगा के बीच से निकला।

बचाव दल में एडिशनल पीसी उत्तम सिंह भंडारी, हेड कांस्टेबल हरीश गुसाई, हेड कांस्टेबल चैतन्य त्यागी, हेड कांस्टेबल रमेश उनियाल, हेड कांस्टेबल धनवीर सिंह नेगी, गोताखोर विनोद सेमवाल शामिल रहे।


