






वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत वन विभाग की आगराखाल-कसमोली टीम द्वारा जूनियर हाई स्कूल आगराखाल एवं प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय कसमोली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और स्थानीय समुदाय को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को वन्यजीवों के पारिस्थितिकीय महत्व की जानकारी दी। साथ ही वन्यजीव सुरक्षा और संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता जताते हुए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलाई गई।
मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए दिए गए अहम सुझाव:
समूह में आवागमन: छात्र-छात्राएं स्कूल आते-जाते समय अकेले चलने के बजाय हमेशा समूह में चलें।
परिसर की स्वच्छता: घरों और विद्यालयों के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित सफाई रखें, ताकि वन्यजीवों को छिपने की जगह न मिले।
रोशनी का प्रबंध: रात्रि के समय बाहर निकलते समय टॉर्च अथवा पर्याप्त रोशनी का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
त्वरित सूचना: वन्यजीव दिखने पर घबराने या उकसाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख 
वीरेंद्र कंडारी और कसमोली की ग्राम प्रधान मंजू रमोला सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वन विभाग की ओर से अनुभाग अधिकारी आयुष तिवारी व अंजली डबराल तथा बीट अधिकारी आशीष बिष्ट व पूजा दुबे ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जागरूकता सत्र का संचालन किया।


