




– कैबिनेट शीघ्र बापू ग्राम के हित में फैसला ले: हरीश रावत
ऋषिकेश, उत्तराखंड:
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बापूग्राम धरना स्थल पहुंचकर
अपने घर व जमीन बचाने की मुहिम में बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जनता सर्वोच्च न्यायालय से ना लड़े, बल्कि सरकार की ओर से इस लड़ाई को पक्षकार बनकर मजबूती से लड़ना चाहिए। जनता इसीलिए सरकार चुनती है, और यह सरकार का कर्तव्य व नैतिक जिम्मेदारी है।
इसी संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी से फोन पर भी बात की और कहा शीघ्र बाबूग्राम का वह कोई ठोस रास्ता निकले। उन्होंने यह भी कहा मुख्यमंत्री से इस विषय पर बात करेंगे। धरना स्थल से उन्होंने सरकार से मांग की है कि कैबिनेट शीघ्र बापू ग्राम के हित में फैसला ले, और अगर नहीं हो पा रहा है तो मुख्यमंत्री विशेष सत्र बुलाकर बाबूग्राम के लोगों की संपत्ति बचाने का काम करें
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार के माध्यम से इस लड़ाई को सर्वोच्च न्यायालय में लड़ा जाय l
इस मौके पर बापूग्राम बचाओ समिति की संयोजक व सभी सदस्यों, पार्षदों ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन देकर मांग की है कि विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा के पटल पर और लोकसभा के पटल पर हमारी समस्या को उठाएं और विपक्ष आज इस विषम परिस्थिति में हमारे साथ खड़ा रहे यह हम सभी आपसे मांग करते हैं।
धरने पर पूर्व कबीना मंत्री शूरवीर सजवाण, एडवोकेट राकेश सिंह मियां, जयेन्द्र रमोला, राजपाल खरोला, समिति के संयोजक रमेश जुगरान, सुनील बहुगुणा, पार्षद सत्य कपरुवान, सचवीर भंडारी, मुस्कान चौधरी, दिनेश रावत, सुरेंद्र नेगी (सूरी), गुरविंदर सिंह गुर्री, अविनाश सेमल्टी, राम प्रसाद उनियाल, राजेन्द्र डोभाल, शिव प्रसाद कंडवाल, दिनेश दत्त शर्मा, सुभाष सैनी दीनदयाल शर्मा, बैसाख पयाल, दिनेश व्यास उपस्थित रहे।
