






ऋषिकेश:
रामायण प्रचार समिति के 40 वें वार्षिकोत्सव में श्री राम कथा करते हुए युवराज स्वामी गोपालाचारी महाराज ने अपने अमृत प्रवचनों में कहां की राम नाम जीवन की नैया को संतुलित करने का मंत्र है। आजकल की भाग दौड़ की जिंदगी मैं हम इस मंत्र को बोलते जा रहे हैं। इस कारण जीवन में विषमता बढ़ती जा रही है। सतयुग त्रेता युग और द्वापर युग में प्रभु की प्राप्ति और मोक्ष के लिए जहां सगन आधार था वही कलयुग में मात्र राम नाम की महिमा जपने से ही अपने जीवन के उपदेश को साकार किया जा सकता है।
इस अवसर पर तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि संध्याकालीन बेला में राधा माधव संकीर्तन मंडल द्वारा और माधुरी तीज के पावन अवसर पर भजन संध्या का कार्यक्रम किया गया जिसमें राधा रानी के भजनों के द्वारा लोग मंत्र मुक्त हो गए।
इस मौके पर मधुसूदन शर्मा, राजेश कुमार थपलियाल, नवल कपूर, इंद्र मोहन, राकेश रावल, राम चौबे, अभिषेक शर्मा,रमाकांत भारद्वाज, प्रवीण अग्रवाल, आचार्य सतीश घड़ियाल, राजीव लोचन शर्मा, मनमोहन शर्मा, आरके मंमगाई, मदन शर्मा, आसाराम व्यास, अशोक कुमार अरोड़ा,श्याम अरोड़ा, तनुजा अरोड़ा, नीलकमल अरोड़ा आदि लोग उपस्थित थे।


