




– तीर्थ नगरी के प्रमुख हॉस्पिटल की इस व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
ऋषिकेश, उत्तराखंड:
कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा में विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार की कथनी और करनी का अंतर अब साफ दिखाई देने लगा है। चारधाम यात्रा के मुख्य प्रवेश द्वार ऋषिकेश का राजकीय उपजिला चिकित्सालय आज गंभीर बदहाली शिकार है और विशेषज्ञ डाक्टर विहीन हो गया है। अस्पताल से आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों के तबादले किए गये, जिसमें फिजिशियन , अस्थिरोग विशेषज्ञ व त्वचा रोग विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई जिससे आम जनमानस को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश अस्पताल में दो फिजिशियन तैनात होने चाहिए थे, लेकिन काफ़ी समय से एक फिजिशियन से ही काम चल रहा था, उनका भी तबादला कर दिया गया है। अब राजकीय अस्पताल में बिना फिजिशियन के काम चल रहा है, इसके साथ ही ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं त्वचा रोग विशेषज्ञ को भी अस्पताल से रिलीज कर दिया गया है परंतु नये चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों का उपचार कैसे होगा, यह सबसे बड़ा सवाल है।
रमोला ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है यात्रा चरम पर है और ऋषिकेश चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। इस मौसम में संक्रामक बीमारियों और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। यदि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो आम जनता मजबूर होकर महंगे निजी अस्पतालों का रुख करेगी, जहां छोटे से उपचार पर भी हजारों से लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
उन्होंने ऋषिकेश की जनता से अपील करी कि जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं। यह केवल चिकित्सकों के तबादले का नहीं, बल्कि लाखों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा विषय है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करी कि ऋषिकेश राजकीय चिकित्सालय में तत्काल सभी रिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए तथा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के हित में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
