



ऋषिकेश, उत्तराखंड:
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना को वर्ष 2025 की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में “नेशनल यूनिवर्सिटी गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट अवॉर्ड–2025” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध प्रतिष्ठित संस्था “इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एडुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस” द्वारा प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में किया गया। डॉ. विजय धस्माना को अवॉर्ड प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि गुरुदेव डॉ. स्वामी राम की प्रेरणा से विश्वविद्यालय “योगः कर्मसु कौशलम्” के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थापक स्वामी राम द्वारा परिकल्पित प्रकल्प आज धरातल पर उतर रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, बायो-साइंसेज, योग विज्ञान एवं चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से कुशल मानव संसाधन तैयार करना ही समाज और राष्ट्र के प्रति सबसे बड़ा योगदान है।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत
डॉ. विजय धस्माना एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, रणनीतिकार, अर्थशास्त्री एवं कुशल प्रशासक हैं। शिक्षा एवं प्रबंधन के क्षेत्र में उन्हें तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। वे पूर्व में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उन्हें अब तक अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें प्रमुख हैं-
• डॉ. बी.सी. रॉय अवॉर्ड (2001)
• उत्तराखंड रत्न अवॉर्ड (2005)
• गढ़वाल विभूति सम्मान (2007)
• वाइस चांसलर ऑफ द ईयर (2021)
• उत्तराखंड श्री सम्मान (2023, हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया)
• शिक्षाविद् अलंकरण (2023, श्री नित्यानंद स्वामी जनसेवा समिति)
शिक्षा और शांति के लिए वैश्विक प्रयास
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एडुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस एक गैर-लाभकारी, गैर-सरकारी संगठन है, जो शिक्षा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समझ और विश्व शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य करता है। यह संस्था संयुक्त राष्ट्र से भी संबद्ध है और मानवाधिकारों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा सतत शांति के लिए विश्वभर में सक्रिय है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार और पर्यावरण में उल्लेखनीय उपलब्धियां
डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व में एसआरएचयू ने स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
• हिम्स जौलीग्रांट अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत निशुल्क उपचार में भारत का नंबर-एक अस्पताल बना।
• राज्य का प्रथम NABH प्रमाणित निजी शिक्षण अस्पताल।
• युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्कूल फॉर वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट की स्थापना।
• होमस्टे एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल संचालन।
• उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के 2000 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, किशोर, जल, स्वच्छता और आजीविका कार्यक्रम।
• पौड़ी गढ़वाल के तोली गांव में गौरी हिमालयन स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना।
• पर्यावरण संरक्षण के लिए ऊर्जा व जल संरक्षण, पेपर वेस्ट रिसाइक्लिंग यूनिट, प्लास्टिक बैंक एवं ई-वेस्ट बैंक की स्थापना।
यह सम्मान न केवल डॉ. विजय धस्माना की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय योगदान की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है।
