


– संस्थान प्रबंधन ने जारी किया नवजात शिशु का पहला बर्थ सर्टिफिकेट
-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश
-संस्थान द्वारा अस्पताल से छुट्टी से पहले पहला जन्म प्रमाण पत्र किया गया जारी
ऋषिकेश,उत्तराखंड:
एक नई उपलब्धि के रूप में, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश ने एम्स अस्पताल में जन्मे नवजात के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा शुरू कर दी है। शुक्रवार को इसकी पहल करते हुए आधिकारिक रूप से अस्पताल से छुट्टी से पहले संस्थान की ओर से अपना पहला जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया।
ऋषिकेश एम्स में शुक्रवार को पहला जन्म प्रमाण पत्र श्रीमती सुलोचना को संस्थान की निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जया चतुर्वेदी द्वारा संस्थान के नेतृत्व एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस अवसर पर डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) शैलेन्द्र एस. हांडू, डीन अकादमिक प्रो. (डॉ.) सौरव वर्ष्णेय, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. (डॉ.) सत्याश्री बालिजा, संस्थान के अधिकारी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
एम्स ऋषिकेश संस्थान की यह पहल नवजात शिशुओं को समयबद्ध एवं सम्मानजनक तरीके से उनकी कानूनी पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह ने कहा, कि यह उपलब्धि समग्र रोगी देखभाल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं, कि एम्स में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रारंभिक स्तर पर ही उसकी कानूनी पहचान प्राप्त हो, जिससे उत्कृष्ट चिकित्सीय सेवाओं और आवश्यक नागरिक सेवाओं के बीच की दूरी कम हो सके।
संस्थान की ओर से डॉ. प्रदीप अग्रवाल को संस्थान के प्रथम जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार के रूप में नामित किया गया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने सभी अभिभावकों से समय पर जन्म पंजीकरण सुनिश्चित करने की अपील की है, क्योंकि जन्म पंजीकरण प्रत्येक बच्चे का मूल कानूनी अधिकार है तथा भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पहचान दस्तावेजों और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार बनता है।
