



ऋषिकेश, उत्तराखंड:
ऋषिकेश के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास में तीन दिवसीय अंग्रेजी संभाषण कार्यशाला का शानदार शुभारंभ हुआ।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के प्रति आत्मविश्वास जगाना और उनके संवाद कौशल को मजबूत करना है।
इसके साथ ही विभिन्न सत्रों के माध्यम से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर अत्यंत उत्साहपूर्ण माहौल में की गई।
उद्घाटन सत्र में विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक विजयपाल और गढ़वाल संभाग निरीक्षक नत्थी लाल बंगवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कुमाऊँ संभाग निरीक्षक सुरेशानन्द जोशी, प्रांतीय लेखाकार प्रमुख कमल जी और मेंटोर दीपक जी भी इस गरिमामयी अवसर पर मौजूद रहे।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. शशि कुमार कंडवाल, प्रबंधक डॉ. गौरव वार्ष्णेय और प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों को उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, पटका, गंगाजली और माँ गंगा का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में प्रदेश निरीक्षक विजयपाल ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान समय की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंग्रेजी केवल संवाद का एक माध्यम यानी भाषा है, इसे किसी के ज्ञान का मापदंड नहीं माना जाना चाहिए।
विजयपाल ने बताया कि विद्या भारती भारतीय संस्कृति, संस्कार और आधुनिक शिक्षा का समन्वय करने वाला विश्व का सबसे बड़ा संगठन है।
उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि विद्या भारती वर्षों से मातृभाषा आधारित और कौशल युक्त शिक्षा दे रही है।
विद्या भारती के पूर्व छात्र आज प्रशासनिक सेवा, सेना, न्यायपालिका, चिकित्सा, उद्योग और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
संगठन के विद्यालय समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक, खेलकूद व विज्ञान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को दैनिक जीवन के संवाद, शुद्ध उच्चारण और मजबूत शब्दावली विकास के महत्वपूर्ण गुर सिखाए।
इसके अलावा युवाओं को समूह चर्चा, मंच संचालन, सार्वजनिक भाषण और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
सभी प्रशिक्षुओं ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गहरे आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी संभाषण की विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मेंटोर दीपक के मार्गदर्शन में इस तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान खेल-आधारित शिक्षण और समूह गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निरंतर संवाद अभ्यास और प्रेरक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की अंग्रेजी बोलने की दक्षता में बड़ा सुधार किया जाएगा।
कार्यशाला में उपस्थित प्रशिक्षुओं ने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण उनके शैक्षणिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने जानकारी दी कि कार्यशाला में विद्या भारती के विभिन्न संकुलों के आचार्य प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इन सभी प्रशिक्षकों ने हाल ही में नोएडा में विद्या भारती द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष अंग्रेजी संभाषण प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था।
इस महत्वपूर्ण, अनुशासित और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावी एवं सुचारू संचालन मनोज रयाल द्वारा किया गया।
इस विशेष कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 130 प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सहभागिता की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य लोकेंद्र अन्थवाल, अमरदीप, इन्द्रपाल परमार सहित समस्त अधिकारी, शिक्षक गण और गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
