


– देश का पहला और एकमात्र डेंटल कॉलेज बना इटैरो ल्यूमिना प्रो स्कैनर स्थापित करने वाला संस्थान
ऋषिकेश,उत्तराखंड:
सीमा डेंटल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ऋषिकेश ने आधुनिक तकनीक, शैक्षणिक उत्कृष्टता और समाज सेवा को एक साथ जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। संस्थान ने इनविजलाइन यूनिवर्सिटी प्रोग्राम की शुरुआत की है। जिसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग के मरीजों को अदृश्य ऑर्थोडोंटिक उपचार विशेष रूप से अत्यंत रियायती एवं सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सीमा डेंटल कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि यह स्कैनर डिजिटल डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में नई क्रांति का प्रतीक है। इसकी सहायता से अत्यंत तेज और सटीक 3-डी स्कैनिंग संभव है।
ऑर्थोडॉन्टिक, इम्प्लांट एवं रिस्टोरेटिव उपचार की डिजिटल योजना और अधिक सटीक बनती है। क्राउन, लैमिनेट्स और वेनीर्स में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होते हैं। नियर इंफ्रारेड इमेजिंग तकनीक द्वारा दांतों के बीच की प्रारंभिक कैविटी का समय रहते पता लगाया जा सकता है। मरीजों को अधिक आरामदायक और बेहतर उपचार अनुभव प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक पारंपरिक इंप्रेशन की असुविधा को समाप्त कर उपचार को अधिक सटीक, आधुनिक और विश्वसनीय बनाती है। लगभग 4000 अमेरिकी डॉलर मूल्य के इस आधुनिक उपचार को अब समाज के उस वर्ग तक पहुंचाया जाएगा, जो सामान्य परिस्थितियों में इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाता।
डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि यह पहल केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति संस्थान की संवेदनशील सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव का प्रतीक है। संस्थान का मानना है कि तकनीकी उन्नयन केवल प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्ता सुधार और समाज की बेहतर सेवा के लिए होना चाहिए। इसी उद्देश्य से यह नई तकनीक विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिजिटल डेंटिस्ट्री का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिससे वे भविष्य में समाज को सर्वोत्तम और वैज्ञानिक आधार पर उपचार देने में सक्षम बन सकें।
उन्होंने कहा कि यह उन्नयन केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि संस्थान के उस दृष्टिकोण का प्रमाण है, जिसके अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उपचार समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
