


ऋषिकेश: गढ़वाल मंडल के मुख्य वन संरक्षक डॉ. डी.जे.पाण्डेय ने नरेंद्रनगर वन प्रभाग अंतर्गत ऋषिकेश स्थित लीसा डिपो एवं केंद्रीय आधुनिक वन पौधशाला का विस्तृत निरीक्षण कर विभागीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वनाग्नि सुरक्षा, पौध उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य वन संरक्षक ने सबसे पहले लीसा डिपो की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अग्नि सुरक्षा उपकरणों एवं संसाधनों को पूरी तरह सक्रिय और व्यवस्थित रखा जाए। साथ ही जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित गश्त, निगरानी और त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. पाण्डेय ने केंद्रीय आधुनिक वन पौधशाला का निरीक्षण किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के लगभग 4 लाख 59 हजार 595 पौधे तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उन्हें पौधशाला में संचालित गतिविधियों, पौधों की गुणवत्ता, रख-रखाव और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मुख्य वन संरक्षक ने पौधों की गुणवत्ता और उनकी वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया तथा उच्च गुणवत्ता की पौध तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पौधशाला में स्थित क्षतिग्रस्त भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर नए भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही मालदेवता पौधशाला की तर्ज पर महिला पौधशाला की स्थापना की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
डॉ. पाण्डेय ने मिट्टी संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए घास प्रजातियों के रोपण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में मिट्टी कटाव रोकने के लिए घास प्रजातियों का विस्तार आवश्यक है। इसके अलावा पौधशाला में तैयार किए जा रहे बांस, साल और अखरोट के पौधों को स्थानीय क्षेत्रों में रोपित एवं वितरित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बांस रोपण स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर दिगांथ नायक, उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल पैन्यूली, किशोर नौटियाल, रेंजर विवेक जोशी, लीसा डिपो इंचार्ज के.एस.पंवार सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
