




✍️ देहदान के लिए पूर्व शिक्षक दो साल पहले ही अपने जन्मदिन पर भर गए थे देहदान का संकल्प पत्र
ऋषिकेश,उत्तराखंड:
जीवन भर अनुशासित रहकर आदर्श प्रस्तुत करने वाले ऋषिकेश निवासी शिक्षक वी एन कुकरेती (कुकरेती गुरुजी) बुधवार को परलोक सिधार गए। इस दुनिया से विदा होने के बाद भी वह आदर्श प्रस्तुत कर गए उन्होंने मरणोपरांत एम्स ऋषिकेश को देहदान किया। एम्स ऋषिकेश ए टीम ने उनके के पार्थिव शरीर को अपने संरक्षण में लिया।
तीन जून 1936 को ग्राम कठूडबडी, द्वारिकाल ब्लॉक,जनपद पौड़ी गढ़वाल में जन्मे
भीलेश्वरानंद कुकरेती (वीएन कुकरेती) ने दिऊली यमकेश्वर में कुछ दिन उन्होंने अध्यापन का कार्य किया। 16 अक्टूबर 1962 से श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में अध्यापन का कार्य शुरू किया। 30 जून 1996 को वह सेवानिवृत हुए। उन्होंने बुधवार को कोर्ट रोड निकट फायर स्टेशन शैल विहार ऋषिकेश स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली।
तीन जून 2024 को ही उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन एम्स ऋषिकेश में देह दान का संकल्प पत्र भरकर जमा कर दिया था।
विद्यालय में अनुशासन के पक्के कुकरेती गुरुजी ने कभी भी अपने असूलों से समझौता नहीं किया। उनके द्वारा शिक्षित कई लोग आज भारत ही नहीं विदेश में भी उच्च पदों पर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
