




– संस्कार सृजन स्कूल, ढालवाला में साइबर क्राइम शाखा ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
ऋषिकेश, उत्तराखंड :
जनपद टिहरी गढ़वाल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल दीपक कुमार, क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर एसएस भंडारी एवं प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम शाखा कृष्णकांत के निकट पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम शाखा, जनपद टिहरी गढ़वाल द्वारा संस्कार सृजन स्कूल, ढालवाला, मुनिकीरेती में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ सदस्यों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों एवं उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फेक लिंक, ओटीपी एवं केवाईसी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड तथा ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया से जुड़े साइबर जोखिमों के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग, मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अपनाने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई।
साइबर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लालच, भय अथवा फर्जी पहचान का सहारा लेकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर बिना सत्यापन विश्वास न करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर गोल्डन आवर के भीतर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया तथा उन्हें साइबर सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक सुझाव दिए गए, ताकि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी होना आवश्यक है। टिहरी पुलिस भविष्य में भी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करती रहेगी।
टिहरी पुलिस की अपील:-
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
