




”अतिथि देवो भवः” की संस्कृति का देंगे संदेश: श्वेता चौबे
ऋषिकेश/मुनिकीरेती (टिहरी गढ़वाल)
श्रावण मास के पवित्र कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए टिहरी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो चुकी है। “जय गंगा मैया” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने ओंकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल कैलाश गेट में मेले में तैनात पुलिस बल की विस्तृत ब्रीफिंग ली। उन्होंने जवानों को सेवा, सतर्कता, दृढ़ता और शालीनता के मूलमंत्र के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया।

ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा “कांवड़ यात्रा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और जनविश्वास का महापर्व है। देश के कोने-कोने से आने वाले शिवभक्त जब यात्रा पूर्ण कर लौटें, तो वे टिहरी पुलिस की संवेदनशीलता और उत्तराखण्ड की ‘अतिथि देवो भवः’ की संस्कृति की एक सकारात्मक छवि अपने साथ लेकर जाएं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के साथ नम्र और सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पूरी सख्ती बरती जाए।

🛡️ कांवड़ मेले की मुख्य व्यवस्थाएं एवं आकर्षण
550+ सुरक्षाकर्मी तैनात: मुनिकीरेती, नरेंद्रनगर, चम्बा, देवप्रयाग, छाम और कीर्तिनगर क्षेत्रों में 550 से अधिक पुलिस, PAC, SDRF, होमगार्ड और PRD के जवान तैनात रहेंगे।
यातायात एवं पार्किंग: श्रद्धालुओं के वाहनों की सुचारु पार्किंग के लिए 12 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
खोया-पाया व सहायता केंद्र: 05 खोया-पाया केंद्र और शिवानंद गेट पर एक विशेष पूछताछ केंद्र स्थापित किया गया है।
मोबाइल गश्त: 07 मोबाइल पुलिस पार्टियां यात्रा मार्गों पर 24 घंटे लगातार गश्त करेंगी।
🚁 ड्रोन, 68 CCTV और साइबर कमांडो की रहेगी पैनी नजर
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए पूरे मेला क्षेत्र में 68 CCTV कैमरों और ड्रोन से 24×7 निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति के लिए QRT (Quick Response Team) हमेशा तैयार रहेगी।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रम या अफवाह फैलाने वालों से निपटने के लिए साइबर कमांडो और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है।
🌊 स्नान घाटों पर SDRF और जल पुलिस की मुस्तैदी
गंगा स्नान के दौरान किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए स्नान घाटों पर SDRF, जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन क्लीन’, सत्यापन अभियान और शिविरों/होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट भी पूरा कर लिया गया है।
प्रशासन, स्वास्थ्य, नगर निकाय और विद्युत-जल विभागों के साथ तालमेल बिठाकर टिहरी पुलिस कांवड़ यात्रा को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
