



– अंकित भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के खिलाफ भड़का नागरिकों का गुस्सा
– अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आगामी 30 दिसंबर को देहरादून में होगी सर्वदलीय बैठक: मोहित डिमरी
ऋषिकेश, उत्तराखंड:
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआइपी मामले की निष्पक्ष जांच व फांसी की सजा देने की मांग को लेकर मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के बैनर तले कांग्रेस व अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने वनंतरा रिजार्ट का घेराव किया। रिजार्ट के समीप पुलिस कर्मियों द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारी व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शन कार्यो ने उक्त रिसोर्ट के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की,मौके पर मौजूद पुलिस बनने इन सभी को रोक दिया।
संघर्ष समिति के संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, तब तक जनता का आंदोलन जारी रहेगा। मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं है, बल्कि इसमें सत्ताधारी भाजपा के बड़े चेहरों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। कहा कि जब तक भाजपा से जुड़े कथित वीआइपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा।
समिति संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आगामी 30 दिसंबर को देहरादून में एक सर्वदलीय बैठक की जाएगी, जिसमें कई राजनीतिक, सामाजिक व अन्य संगठन भी हिस्सा लेंगे। बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। समिति की महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका कुसुम जोशी, समिति प्रवक्ता हिमांशु रावत, यमकेश्वर प्रभारी सुदेश भट्ट आदि ने भी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत ने कहा कि यह सिर्फ अंकिता ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति की अस्मिता का सवाल है। कहा कि भाजपा के नेताओं पर जितने गंभीर आरोप लगे हैं, वह शर्मनाक है। इस दौरान जिपं सदस्य पुष्पा रावत, पार्षद सरोजनी थपलियाल, राकेश नेगी, प्रमोद काला, संजय सिलस्वाल, विकास रयाल, उषा डोभाल, दिनेश चंद मास्टर, संजय सिलस्वाल, मनोज कोठियाल, सुधीर राय, हिमांशु पंवार, विपिन नेगी आदि मौजूद रहे।
