


नरेंद्रनगर/देहरादून
उत्तराखंड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए तहसीलदार नरेंद्रनगर अयोध्या उनियाल पर 5,000 रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।
यह मामला शिकायतकर्ता संजय रयाल द्वारा दायर शिकायत से संबंधित था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तहसीलदार नरेंद्रनगर द्वारा सूचना आयोग के आदेशों के बावजूद भ्रामक एवं असंतोषजनक सूचना उपलब्ध कराई गई।
आयोग ने मामले की सुनवाई एवं अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत पाया कि संबंधित अधिकारी द्वारा आयोग के आदेशों का समुचित अनुपालन नहीं किया गया तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना की गई।
राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को बार-बार बिंदु संख्या 3 एवं 4 के संबंध में भ्रामक सूचना उपलब्ध कराई गई, जो सूचना के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) के अंतर्गत तहसीलदार नरेंद्रनगर पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही धारा 20(2) के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है।
आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि लोक सूचना अधिकारियों का दायित्व है कि वे नागरिकों को समयबद्ध, स्पष्ट एवं सही सूचना उपलब्ध कराएं। ऐसा न करना अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
