


✍🏻 अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता-2025 का रविवार को भव्य समापन
✍🏻 फिट इंडिया की भावना व उत्कृष्ट प्रदर्शन की राज्यपाल ने की सराहना
देहरादून, उत्तराखंड:
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में आयोजित 28 वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता-2025 का रविवार को भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने देशभर से आए अधिकारियों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति को सफल आयोजन की बधाई दी। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थानों की कुल 42 टीमों ने प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने सर्वाधिक पदक जीतकर ओवरऑल चैम्पियन का खिताब हासिल किया, जबकि केरल द्वितीय स्थान पर रहा। उत्तराखण्ड छठवें स्थान पर रहा, लेकिन उद्घाटन समारोह के मार्च-पास्ट में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने अपनी श्रेष्ठता प्रदर्शित की। महिला बेस्ट एथलेटिक्स का खिताब उत्तराखण्ड की ज्योति जोशी ने जीता।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने 42 टीमों और 3380 प्रतिभागियों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह खेलकूद प्रतियोगिता वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों में टीमवर्क, अनुशासन, ऊर्जा और फिटनेस का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में कार्यरत वन अधिकारियों के लिए फिटनेस, साहस, संयम और मानसिक मजबूती अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ का उल्लेख करते हुए इसे केवल व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि वन अधिकारी पर्यावरण संरक्षण और देश की हरियाली के प्रहरी हैं तथा ऐसे आयोजनों से उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता और अधिक मजबूत होती है।
समापन अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने सफल आयोजन पर सभी वन कर्मियों को बधाई देते हुए उत्तराखण्ड के पदक विजेताओं को पृथक रूप से सम्मानित करने की घोषणा की। नोडल अधिकारी पी.के. पात्रो ने प्रतियोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा धन्यवाद ज्ञापन किया।
प्रमुख सचिव, वन उत्तराखण्ड आर.के. सुधांशु ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए ‘खेल वन’ जैसी अभिनव पहल का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत पदक विजेताओं के नाम पर लगभग 1500 पौधे लगाए जाने को वन परिवार की सराहनीय उपलब्धि बताया।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. समीर सिन्हा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं देशभर के खिलाड़ी उपस्थित रहे।
