



– आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने ली अधिकारियों की यात्रा तैयारी बैठक
– पंजीकरण में 60 प्रतिशत कोटा ऑनलाइन और 40 प्रतिशत कोटा ऑफलाइन का निर्धारण
ऋषिकेश, हरीश तिवारी:
इस वर्ष परंपरागत रूप से अक्षय तृतीया पर चार धाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। यात्रा प्रशासन संगठन की ओर से यात्रा संबंधित तैयारी शुरू कर दी गई है। चार धाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को संबंधित जनपदों के अधिकारियों की बैठक ली। आयुक्त गढ़वाल मंडल ने बताया कि इस वर्ष बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में निश्चित परिधि के अंतर्गत रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को निश्चित स्थान पर अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। उन्होंने सभी विभागों को एक माह के भीतर सभी तैयारियां को अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए।

आयुक्त गढ़वाल मंडल ने बताया कि 20 अप्रैल से शुरू हो रही चार धाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यह यात्रा उत्तराखंड ही नहीं बल्कि समूचे देश के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को अभी से जुटाना शुरू कर दिया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ ट्रांजिट कैंप कार्यालय में हुई बैठक में मुख्य रूप से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन,ऑफलाइन पंजीकरण, पार्किंग, ट्रैफिक और उनके ठहरने की व्यवस्था पर गढ़वाल कमिश्नर का फोकस रहा। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
आयुक्त ने बताया कि केदारनाथ धाम में राम बाड़ा वाला जो पुराना मार्ग था उस पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम चल रहा है। हमारा प्रयास होगा कि इस वर्ष पैदल यात्रियों के लिए अलग और घोड़े वालों के लिए अलग आवागमन की व्यवस्था हो। आयुक्त के अनुसार इस वर्ष बदरीनाथ धाम में सिंह द्वार से आगे मोबाइल का प्रवेश वर्जित होगा। इसी तरह केदारनाथ धाम चबूतरा में मोबाइल प्रतिबंधित होगा और इन दोनों ही स्थान पर रील बनाने पर सख्ती के साथ रोक लगाई जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि चार धाम यात्रा में यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर उनको हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, कीर्ति नगर, विकास नगर, बड़कोट में रोकने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। गरीब और जरूरतमंद यात्रियों के ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से निशुल्क होगी। इस बार यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण में 60 प्रतिशत कोटा ऑनलाइन और 40 प्रतिशत कोटा ऑफलाइन का निर्धारण किया गया है। जल्दी ही ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा को खोल दिया जाएगा।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण में फर्जी बाड़ा रोकने के लिए अलग से टीम का गठन किया गया है। इस संबंध में अन्य प्रांत के प्रशासन से भी समन्वय कायम किया जाएगा। देश के सभी स्टेट के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा। यात्रा मार्ग पर आने वाली सभी पुलिस चौकिया में दो पुलिसकर्मी हमेशा बाइक के साथ तैनात रहेंगे, जो आसपास यात्रा मार्ग व अन्य स्थिति पर नजर रखेंगे। यात्रा मार्ग के सभी डेंजर और एक्सीडेंटल जोन चिन्हित करते हुए इन पर काम शुरू कर दिया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी स्वातिएस भदोरिया, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार पद्मेंद्र कुमार डोबाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार, एसपी हरिद्वार ऐके सिंह, उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक टिहरी जेआर जोशी, पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. पूर्णिमा गर्ग, अपर आयुक्त गढ़वाल उत्तम सिंह चौहान,उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोविंद राम बिनवाल आदि मौजूद रहे।
