


ऋषिकेश: डॉ हरिओम प्रसाद और डॉ ऋतु प्रसाद द्वारा अपने स्वर्गीय माता पिता श्रीमति राधिका प्रसाद एवं श्री राम नाथ प्रसाद की स्मृति में नव निर्मित प्रसाद हॉस्पिटल लेप्रोस्कोपी एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर ऋषिकेश का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया।
इस अवसर पर डॉ हरिओम प्रसाद ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में प्रसाद हॉस्पिटल , लैप्रोस्कोपी एवं नवांकुर टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर द्वारा दूरबीन विधि और लेजर किरणों की तकनीक से सभी जगह की पथरी , हर्निया, आँतो और बच्चेदानी के कई ऑपरेशन किए गए है और इसी तरह निसंतानता के इलाज के बाद गढ़वाल और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के कई घरों के सूने आंगन में किलकारियाँ गूंजी है।
डॉ ऋतु प्रसाद ने बताया कि हमारे सेंटर में इंडो जर्मन तकनीक द्वारा उच्च स्तरीय आईवीएफ प्रणाली को स्थापित किया गया है , जिसमे इक्सी तकनीक द्वारा शुक्राणुओं को अंडाडुओं से डायरेक्ट निषेचित कराया जाता है जिस से आईवीएफ के रिजल्ट्स काफ़ी बढ़ जाते है ।
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि डॉ हरिओम और डॉ ऋतु प्रसाद जी और इनके सभी स्टाफ ने मिलकर सफलता की नई मिसाल पेश की है।
अध्यक्ष राज्य महिला आयोग कुसुम कंडवाल ने बताया ने बताया कि ईश्वर की बहुत बड़ी नियामत होती है माँ बनना और जो स्त्रियाँ इस सुख से वंचित है वो ही इस दुख को समझ सकती है।
एम्स ऋषिकेश की प्रोफेसर जया चतुर्वेदी ने कहा की चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है, यह व्यवसाय का क्षेत्र नहीं है। बताया कि डॉ ऋतु और डॉ हरिओम प्रसाद जी द्वारा जो यह निसंतान दंपत्तियों को पैरेंट्स बनाने का जो मिशन लिया है वो बहुत नेक कार्य है।
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सावित्री उनियाल ने बताया की प्रसाद दंपत्ति द्वारा समय समय पर गरीब महिलाओं के लिए विशेष परिषण शिविर भी लगाये जाते है , जहाँ निर्धन महिलाओं का इलाज निशुल्क किया जाता है।
इस अवसर पर डॉ आरके भारद्वाज , डॉ वीके पूरी , डॉ यूपी गुप्ता, संदीप गुप्ता , डॉ डबराल , डॉ तिवारी, नवीन अग्रवाल जितेंद्र बर्तवाल, हिमांशु गुलाटी,आईएमए अध्यक्ष डॉ राजेंद्र गर्ग , डॉ एन बी श्रीवास्तव , डॉ मधुर उनियाल , डॉ राकेश बंसल , डॉ हरीश द्विवेदी , डॉ ऋचा रतूड़ी, यशपाल पंवार , नीरजा गोयल, विभा कपूर , सतेंद्र शर्मा,संजय अग्रवाल ,विनय उनियाल , तनु जैन , रोटरी अध्यक्ष विशाल तायल , सतेंद्र शर्मा , विभा कपूर डॉ अलंकृता प्रसाद , डॉ गर्वित प्रसाद उपस्थित थे।
