


– सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास में किए गए जप का मिलता है अनंत फल
ऋषिकेश, उत्तराखंड
पुरुषोत्तम मास के पावन और आध्यात्मिक अवसर पर भजन-संकीर्तन का विशेष महत्व माना गया है। इसी पवित्र महीने के उपलक्ष्य में स्थानीय मनीराम मार्ग स्थित प्रसिद्ध श्री दुर्गा शक्ति मंदिर में भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। मंदिर समिति के विशेष तत्वावधान में इन दिनों देवी मां के अखंड बीज मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जा रहा है।
इस अलौकिक और दिव्य अनुष्ठान में पूरे नगर क्षेत्र से श्रद्धालुजन दर्शन और पुण्य लाभ के लिए पहुंच रहे हैं।
मंत्रों की गूंज से संपूर्ण मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और सकारात्मक हो उठा है।
सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास, जिसे मलमास या अधिकमास भी कहा जाता है, में किए गए जप का अनंत फल मिलता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति द्वारा इस एक मासीय विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। मंदिर में सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहता है, जो पूरी श्रद्धा के साथ मां की आराधना कर रहे हैं।
क्षेत्र की महिलाएं और बुजुर्ग भी इस अखंड जाप में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं और सामूहिक संकीर्तन कर रहे हैं।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मास में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन होता है। भक्तों के लिए मंदिर परिसर में शीतल जल, प्रसाद और बैठने की उत्तम व्यवस्थाएं समिति द्वारा सुनिश्चित की गई हैं।
इस एक मासीय कठिन और पवित्र अनुष्ठान का समापन आगामी 15 जून को बेहद भव्य रूप में किया जाएगा।आगामी 15 जून को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस महा-अनुष्ठान की पूर्णाहूति दी जाएगी और विशेष यज्ञ होगा। पूर्णाहुति के तुरंत बाद मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का भी आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक आयोजन के इस पावन मौके पर मंदिर समिति के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और सेवादार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप मल्होत्रा, उनके साथ संस्था के महामंत्री पंडित ज्योति शर्मा भी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं।
आयोजन को गरिमामयी बनाने में अमृतलाल नागपाल,राजेश रावल और सतीश कक्कड़ का भी विशेष सहयोग और मार्गदर्शन मिल रहा है। महिला विंग की ओर से पुष्पा चिचड़ा और मीनू मल्होत्रा ने भजन-कीर्तन मंडली की कमान बखूबी संभाली हुई है।
इसके साथ ही गुलशन गाबा और चन्द्रमोहन विरमानी भी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में निरंतर जुटे हुए हैं। धार्मिक गतिविधियों में सदैव सक्रिय रहने वाले अनिल मेहरा मनोहर चड्ढा और पंकज चावला और संतोष शर्मा ने भी व्यवस्था में सहयोग दिया।
