




ऋषिकेश। नेपाली फार्म में नवनिर्मित पार्क में राज्य आंदोलन के शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक निर्माण की मांग को लेकर चल रहे धरने के 100वें दिन महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए सरकार से शीघ्र शहीद स्मारक निर्माण की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को नेपाली फार्म तिराहे स्थित नवनिर्मित उत्तराखंड आंदोलनकारी शहीद पार्क में शहीद पार्क निर्माण संघर्ष के तहत महापंचायत का आयोजन हुआ। महापंचायत के संयोजक शीशपाल पोखरियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि स्थायी स्मारक के निर्माण से होगा। उन्होंने कहा कि वे लोग बीते 100 दिनों से पार्क में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमा लगाने के लिए धरना दे रहे हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इसलिए इस आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरबीर सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन देश के महत्वपूर्ण जन आंदोलनों में से एक रहा है। शहीदों के सम्मान में एक भव्य स्मारक बनाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुधीर राय रावत ने कहा कि जिस राज्य की नींव आंदोलनकारियों के बलिदान पर रखी गई हो, वहां उनके सम्मान की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी संगठन का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान का आंदोलन है। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मौके पर धर्मानंद लखेड़ा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव भगवती प्रसाद सेमवाल, राज्य आंदोलनकारी कृपाल सिंह रावत सरोज, अरुण थपलियाल, पूर्व ग्राम प्रधान खंड गांव रायवाला शंकर दयाल धनाई, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष चित्रपाल सजवाण, मोर्चा के जिला महामंत्री गौतम सिंह राणा, कुलदीप सिंह चौहान, राजेंद्र भंडारी, राजेंद्र सिंह रावत, शैलेंद्र मिश्रा, बलदेव सिंह भंडारी, देवेंद्र सिंह पंवार, हरीश चौधरी, चंद्रकांत अरोड़ा, दीपक पंवार, राहुल कालूरा, परवीन, कुबेर सिंह रावत, पार्षद सुरेंद्र नेगी, राशिपाल सिंह सैनी, हिमांशु पंवार, विनोद चौहान, विजयपाल कलुड़ा, रमेश रतूड़ी, रविंद्र प्रकाश, पंचम सिंह पंवार, गुलाब सिंह रावत यशपाल असवाल, गुरचरण सिंह गोल्डी आदि मौजूद रहे।
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सरकार राजनीति से उपर उठकर ले निर्णय: यूकेडी
यूकेडी के मोहन असवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास को संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। शहीद स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि बलिदान और संघर्ष की प्रेरणा का केंद्र होगा। यूकेडी के आनंद सिंह रावत ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों का सम्मान करना प्रत्येक उत्तराखंडी का कर्तव्य है। सरकार को इस मांग पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेना चाहिए।
