



उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा
ऋषिकेश,उत्तराखंड:
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा द्वारा बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जाँच सुनिश्चित करने हेतु सीबीआई जांच की मांग को लेकर तहसील में प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। मोर्चा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की।
ज्ञापन में मोर्चा ने प्रकरण से जुड़े तथ्यों की गहन जांच की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अब तक की जांच से आम जनता का विश्वास बहाल नहीं हो पाया है। साथ ही, भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की कथित संलिप्तता को लेकर उठ रहे सवालों पर भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की संवेदनाओं का प्रश्न है। जब तक सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं होती, तब तक जनता का भरोसा बहाल नहीं होगा।
महानगर अध्यक्ष नरेन्द्र नेगी ने कहा कि सरकार को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर इस प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका हो, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुधीर राय रावत ने कहा कि यदि सरकार सच में न्याय के पक्ष में है, तो सीबीआई जाँच से क्यों डर रही है? अंकिता को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा हर लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला मोर्चा प्रभारी कुसुम जोशी ने कहाँ की ये लड़ाई उत्तराखंड की बेटी अंकिता की ही नहीं बल्कि सभी माताओं की लड़ाई हैं जो ये मानकर उत्तराखंड निर्माण की लड़ाई मे शामिल हुई की अब हमारे प्रदेश महिलाओ की स्थिति मे सुधार होगा और अपने प्रदेश मे स्वाभिमान से जीने का अधिकार मिलेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी श्री दिनेश चंद मास्टर जी, जिला महामंत्री संगठ गौतम राणा, मनीष डिमरी, राजेश गोयल, मोनू पाल,शैलेंद्र मिश्रा, संजय कुमार बुडाकोटी, राहुल रावत, कुलदीप चौहान, दीपक क्षेत्री बबलू भगत आदि उपस्थित रहे।
