



वरिष्ठ पर्यावरणविद एवं पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कराई शिकायत दर्ज
देहरादून, उत्तराखंड:
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित अज्ञात ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर देहरादून के वसंत विहार थाने में देर रात मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को दी गई एक शिकायत की जांच के बाद दर्ज की गई है। यह शिकायत प्रदेश के वरिष्ठ पर्यावरणविद एवं पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा पुलिस महानिदेशक को सौंपी गई थी।
शिकायत में सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रही उन चर्चाओं का उल्लेख किया गया था, जिनमें अंकिता भंडारी हत्याकांड में कुछ प्रभावशाली अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें ‘वीआईपी’ के रूप में संदर्भित किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि यद्यपि इस मामले में नामजद आरोपियों को सजा हो चुकी है, लेकिन अब भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या जांच के दौरान कुछ अहम साक्ष्य जानबूझकर छिपाए गए या नष्ट किए गए। यदि ऐसा हुआ है तो यह स्वयं में एक गंभीर और स्वतंत्र अपराध है, जिसकी निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने शिकायत की जांच का जिम्मा एसएसपी देहरादून अजय सिंह को सौंपा। जांच के उपरांत एसएसपी ने वसंत विहार थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गृह विभाग को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति भी की गई।
इसी संस्तुति के आधार पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने की औपचारिक घोषणा की। माना जा रहा है कि अब दर्ज हुई इस एफआईआर को सीबीआई अपनी जांच का अहम आधार बनाएगी, जिससे मामले में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
