


टिहरी गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्रीमती श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत साइबर ठगी का शिकार हुए दो अलग-अलग पीड़ितों को कुल ₹82,510 की धनराशि सुरक्षित वापस करा दी गई है। अपनी डूबी रकम वापस पाकर पीड़ितों ने पुलिस का दिल से आभार जताया है।
🔍 केस 1: फर्जी APK फाइल का शिकार हुए छाम निवासी को मिले ₹20,000
पहले मामले में ग्राम छाम निवासी एक व्यक्ति के साथ दिसंबर 2025 में अज्ञात ठगों ने एक फर्जी APK फाइल डाउनलोड कराकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
पुलिस का एक्शन: शिकायत मिलते ही साइबर सेल टिहरी और थाना छाम पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और ठगों के बैंक खातों में गई रकम को होल्ड कराया।
नतीजा: भारत सरकार के MRM (Money Restoration Mechanism) पोर्टल के जरिए सभी कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर पीड़ित के खाते में ₹20,000 सफलतापूर्वक रिफंड करा दिए गए।
🔍 केस 2: ढालवाला के बुजुर्ग को वापस मिली पूरी रकम (₹62,510)
दूसरा मामला ढालवाला (मुनिकीरेती) का है, जहाँ श्री ओमप्रकाश पुरवाल भी फर्जी APK फाइल के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठे थे।
पुलिस का एक्शन: साइबर सेल टिहरी और थाना मुनिकीरेती पुलिस ने तत्काल तकनीकी और कानूनी मोर्चा संभाला। ट्रांजेक्शन ट्रैक कर संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित किया।
नतीजा: पुलिस के लगातार प्रयासों से पीड़ित को पहले ₹52,000 और अब शेष ₹10,510 भी वापस मिल गए हैं। इस तरह उन्हें कुल ₹62,510 की शत-प्रतिशत राशि वापस मिल चुकी है।
📢 SSP श्रीमती श्वेता चौबे की जनता से जरूरी अपील:
”साइबर अपराध के खिलाफ टिहरी पुलिस लगातार एक्टिव है। लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। जनता से अनुरोध है कि:”
🚫 किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल या लिंक को भूलकर भी डाउनलोड न करें।
🔒 अपना OTP, बैंक डिटेल्स, UPI PIN, या CVV किसी के साथ शेयर न करें।
📞 यदि आप किसी साइबर फ्रॉड के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी सूचना देंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
